Poem

कलम

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चौदा साल पहले हो गयी कलम से दोस्ती । …….

टूटी फूटी अक्षरों से पक्तियाँ जुड़ गयी। …….

धीरे धीरे सुर मिल गए उन पक्तियोंको । …….

और एक सुन्दर कविता बन गयी । …….

फिर उन टूटी फूटी अक्षरों को सुधार मिल गयी । …….

और लिखते लिखते एक कहानी बन गयी । …….

अब तो कितनी कहानी कितनी कविता । …….

मेरे हाथो से लिख गयी । …….

अब तो ना ठहरेंगे हाथ लिखने के लिये । …….

जो कलम में ने उठा लियी । …….

शाश्वत सत्य
बाप्पा

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