Poem

अजब हे ये दुनिया

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अजब हे ये दुनिया और उसकी रीत

क्या कब बदल जाये किसीको खबर नहीं

पहले बी पॉजिटिव   कहा जाता था

पॉजिटिव लोगो के साथ रहा जाता था

पर बदल गयी  कोरोना के आने से दुनिया की रीत

अब तो पॉजिटिव कोई बना नहीं चाहता

ना पॉजिटिव के साथ रहना नहीं चाहता

नेगटिव अच्छे  सेफ और सुरक्षित लगने लगे

कहीं दूर न हो जाए कोई अपना
माँ

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