Love

बारिश और तुम

0
Please log in or register to do it.

तुम भी हो बारिश सी

तुम खुशियां बरसाती हो..

अपनी बूंदों सी हसीन

मुस्कान के लिए

तुम मुझे अक्सर तरसाती हो..

कभी ठंडी हवाओं सी

तुम मेरे खयालों में

लहराती हो..

तो कभी गरज़ते बादल सी

मेरे कानों में चहराती हो…

तुम भी हो इन्द्रधनुष सी

तुम जीवन में मेरी रंग भर देती हो..

कभी शरारत कभी मासूमियत

तो कभी अपनी सोच से

तुम अक्सर मुझे दंग कर देती हो…

तुम भी हो बारिश सी

हाँ उससे अब मुलाक़ात नही होती
Tumhare saath

Reactions

0
0
0
0
0
0
Already reacted for this post.

Reactions

Your email address will not be published.