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वेदना

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अब कभी कभी ही गांव जाना होता था कोई शादी या समारोह में। पहले बुआ बनाम मम्मी जल्दी जल्दी गांव लेकर जाती थी लेकिन अब मै बिजनेसमैन बड़ा आदमी बन गया बहन की शादी में शामिल होने गया था वहां मुझसे ज्यादा सम्मान पैसों को मिला जो मैंने शादी के लिए दिए रात को दीदी आकर बैठ गई और गले लगा कर बोली आज अपने मन की सारी पीड़ा बता दें।

फिर कब मिलेगा। मैं फट पड़ा बोला मां बाबा ने मुझे गरीबी की वजह से दुर कर दिया। बचपन पाबंदी में बंध कर बड़ा हुआ क्यूं। बिना जिद किये ही सारी इच्छाएं पूरी हो गई लेकिन मेरी वेदना किसी ने नहीं समझी मां बाप,भाई बहन का प्यार समझ ही नहीं पाया। बस निर्देश का पालन ही करता हूं।

तुम सब से अलग कर दिया मां की ममता मेरे लिए एक बार भी नहीं सिसकी, मेरी भावनाओं को ठेस पहुंची। गरीब ही तो थे। मैं ममत्व को तरस गया। ऐसा कभी किसी के साथ ना हो। दीदी बोली पगले तेरी वेदना मैं समझती हूं। बयां नहीं कर सकती

New Age Krishna
ONLY SHE CAN SACRIFICE

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