Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram
Share on skype

अकेलापन

अकेलापन.. क्या हैं यह अकेलापन! किसी का साथ ना होना? किसी के याद में तड़पना?? 

नहीं साहब.. अकेलापन तब लगता है हैं जब हमारे आस पास सौ लोग हो फ़िर भी किसी को हमारे भीतर क्या चल रहा हैं पता ना चले।

अकेलापन तब होता है जब हम किसी को बताएं की हम कैसा महसूस कर रहे हैं फ़िर भी उन्हें पता ना चले।0712

अकेलापन तब लगता हैं जब अपने आस पास तो हजारों लोग हैं पर दिल का हाल किसी के पास बयां ना हो।

आज कल शायद हर इंसान इस अकेलेपन से गुज़र रहा हैं।

हजारों लोग हैं हमारे आस पास, सब हसते हुए selfies post करते हैं social media पर, पर असल में वह सब अपना दर्द छुपाने के लिए उस झूठी हंसी के पीछे छुप रहें होते हैं।  

यह अकेलापन लोगों को तोड कर रख देता हैं, अंदर से कमज़ोर बना देता है, हो सकें तो अपनों से बात कीजिए क्या पता आपके दो मीठे बोलों से किसी का ज़िन्दगी के प्रति विश्वास प्रबल हो!

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram
Share on skype

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Vichars

Related Vichars