ख़ुद को पहचान
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ख़ुद को पहचान, मिडल क्लास फैमिली,शायरी

चल तुझे तुझसे मिलाकर लाता हूं,

तेरी तुझसे पहचान करवाता हूं

जा देख जाकर आइना एक बार,

और पूछ खुद से,

मैं क्या हूं, मैं क्यूं हूं,

तू योद्धा है ये क्यों भूल गया,

इस भाग दौड़ में पीछे क्यों छूट गया,

चल ढूंढ उस असली मुस्कान को जिसे तेरे चेहरे पे आए एक अरसा गुजर गया,

छोड़ दे कल के बारे में सोचना, और भूल जा जो बीत गया

खोज अपने आपको,सोच उस खाब को,

जो बचपन में देखा था,पर आज देखना भूल गया,

याद कर वो राते,जो तूने सपनो को सच करने में लगा दी,

पर फिर किसी और सुनकर तूने उन सपनो की वॉट लगा दी,

सुन मेरे भाई,अगर भीड़ में रहेगा तो गुम हो जाएगा,

अगर खुद को पहचान गया तो अपना मुकाम खुद बनाएगा,

तो चल खुद को पहचान,

और कर सूरू अपने सपनो की उड़ान,

शुरुआत में गलतियां करेगा,

पर ऐसे ही तो आगे बढ़ेगा,

..

To sun ek aakhri baat

काबिलियत तो इंसान में है इतनी,

कि जननत भी झुका दे.

एक बार पहचान ले अपनी काबिलियत,

तो कुदरत भी हिला दे।

Title- Middle class wale

Language-Hinglish

Arj kiya hai

Cycle pe baith kr car ko nihar lete hai,

Middle class wale sapne dekh kar zindagi guzar lete hai…

Aaj ki hamari poetry ka topic hai Middle Class Wale..

Agar aapko pasand aaye to video pe like, comment aur subscribe Krna na bhule..

Chaliye Shuru Karte Hai,

Bachpan se dekha hai, papa ki mehnat thi

Bhagwan se zyada, maa ki rehmat thi

Middle class se hu isme koi burai nahi hai

Magar bahut achi baat hai, Itni bhi achai nhi hai

Sapne bahot hote hai, hum middle class walo ke paas

Haa puree nhi kar paate , wo alag hai baat

Bachpan se kya Karna hai, sab samajh aa jata hai

Logo ka asli chehra, ek pal me dikh jaata hai

Kehne ko dost bahut hai, par kuch hi bhai ban paate hai

Rishtedar bhi khushi me,saath aa jate hai,

Musibat me vo bhi,saath chord jaate hai,

Jab dosto ke paas mahenge phone hote hai,

Ham bas khud ko kosh rhe hote hai,

Kapde bhi samhaal ke pahen ne pdte hai,

Gande na ho jaaye is dar se darte hai,

Hum middle class walo ko ,akele chalna aata hai,

Unko lagta hai ham attitude wale hai

Par, sachai to ye hai hame logo ko samajh na aata hai

Ek aakhri baat

हमें मालूम है कि ख्वाब झूठे है ,और ख्वाहिशे अधूरी हैं

मगर जिंदा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां जरूरी है

Shukriya

Shayari 1

Dear _________,

तुम मेरे हर काश! में बस्ती हो,

तुम मेरे हर राज़ में बस्ती हो,

जाने, कैसे बयां करु मैं अपने जज्बातों को,

पता नहीं क्यों?,

पर आज भी,तुम मेरे दिल के पास में बस्ती हो।।

Shayari 2

मुझे प्यार है तुमसे, पर तुम्हे नहीं,

मैं चाहता हूं तुम्हें ,पर तुम नही,

यार,

प्यार दोनों तरफ़ से हो, ऐसा जरूरी तो नहीं।

अब तुमसे ही क्यों हुआ, कैसे हुआ कुछ पता नहीं,

पर ठीक है यार,

तुम्हारी तरफ़ से नहीं एक तरफा ही सही,अब प्यार है तो है।।

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