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भ्रम- (Inspirational Hindi Poem)

(Inspirational Hindi Poem)

कविता सन्दर्भ :

An inspirational hindi poem on life. Many times in Life, we get attracted and disillusioned, with glamour o,f money, fame, power, proud , looks etc. …. the list goes long …. Life is full of attractive things, events, people and professions. All we need to do is look for inner beauty and enlighten our own aura. This is a hindi poem on enlightening self.

भ्रम

चाँद से खेलने कि जिद कि तो वो सामने तालाब में उतर आया, आगे बढ़कर  छुआ उसे तो मचलकर झुनझुनाया, जो हक़ से थामना चाहा उसे तो हाथ भीगकर रह गए, परे हटकर किनारे बैठे तो उसकी रोशनी कि कशिश में बह गए, अँधेरी रात में पहले तो रोशनी लुभा रही थी पर जब सोना चाहा तो वही रोशनी सता रही थी, खुद हि चलकर उसकी रोशनी के दायरे में चले जाते थे, और जाने अनजाने ऐसे अपने आप को हि सताते थे, इस मासूम सी खुशफहमी ने जल्द हि दिल को तोड़ दिया, जब पूनम से अमावस तक चाँद ने बढ़ना छोड़ दिया, अमावस को इस सच्चाई से रूबरू हुए कि चाँद का बढ़ना घटना तो एक  प्राकृतिक क्रम है, वो मुझसे खेलने आता है ये केवल मेरे मन का भ्रम है, जो तालाब में दिखती है वो केवल एक परछाई है, उसकी दिव्य रोशनी खुद में हि कहीं समाई है, अब भी उस सुनहरे एहसास को हरदम हम जी पाते  हैं , पूनम हो या अमावस स्वयं कि आभा से अपने जग को चमकाते हैं………. -सुचेता

Sucheta Asrani

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